
आपकी शैक्षणिक योग्यता में B.Sc., M.A. (English) तथा LL.B शामिल हैं, जिन्होंने आपके न्यायिक एवं विधिक दृष्टिकोण को और अधिक सुदृढ़ किया। अपने सेवा काल में आपने कई महत्वपूर्ण एवं समाज-उन्मुख फैसले दिए, जिनका समाज पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ा और जिन्हें व्यापक स्तर पर सराहा गया। सेवानिवृत्ति के पश्चात भी आप कानून और न्याय के क्षेत्र से जुड़े रहे तथा वर्तमान में हाई कोर्ट, जबलपुर में अधिवक्ता के रूप में सक्रिय हैं। अपने अनुभव, कानून के गहन ज्ञान तथा न्यायप्रियता के कारण आप आज भी अनेक लोगों को उचित दिशा, सलाह और न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अपने ज्ञान, अनुभव और न्याय के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए, HRPC ने आपको HRPC Legal Cell के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया है। इस दायित्व के साथ आप संस्थान के विधिक उपक्रमों, मानवाधिकार मामलों और राष्ट्रीय स्तर पर न्याय-संबंधी मार्गदर्शन में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। श्री महेश पुरी का संपूर्ण जीवन ज्ञान, सत्यनिष्ठा, अनुशासन और समाजहित के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। शिक्षा, न्यायपालिका और विधिक सेवा—इन तीनों क्षेत्रों में उनका योगदान प्रेरणादायक और अत्यंत उल्लेखनीय है।
राष्ट्रीय
अध्यक्ष – HRPC Crime Control Cell [M]
प्रधान
अधिकारी (सेवानिवृत सैनिक – भारतीय तट रक्षक)
श्री इन्तेखाब अहमद, भारतीय तट रक्षक (जल सेना) के प्रधान अधिकारी के रूप में 37 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा प्रदान कर चुके एक प्रतिष्ठित सेवानिवृत सैन्य अधिकारी हैं। अपनी सैन्य सेवाओं के दौरान इन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं और 9 से अधिक पदकों से सम्मानित हुए, जिनमें कारगिल युद्ध पदक (ऑपरेशन विजय स्टार), ऑपरेशन विजय स्पेशल मेडल तथा अंडमान-निकोबार में 10 वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं हेतु सैन्य सेवा पदक विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। सैन्य सेवाओं के दौरान विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण, कोर्स और प्रमाणपत्र प्राप्त कर इन्होंने अपनी दक्षता और नेतृत्व क्षमता को और अधिक मजबूत बनाया। उनकी विशिष्ट प्रतिभा को देखते हुए इन्हें नेवल बेस कोच्ची स्थित नेवल सिग्नल स्कूल में पाँच वर्षों हेतु प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया, जहाँ इन्होंने नौसैनिकों को अत्यंत प्रभावशाली प्रशिक्षण प्रदान किया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए स्कूल के कप्तान द्वारा इन्हें प्रशंसनीय पत्र भी प्रदान किया गया।
इन्हीं
उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और समाजहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए HRPC संस्था ने उन्हें Crime Control Cell के राष्ट्रीय
अध्यक्ष के दायित्व से सम्मानित किया है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के अंतर्गत वे
राष्ट्रीय स्तर पर अपराध नियंत्रण की रणनीतियों, पीड़ितों को
न्याय दिलाने, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने और
संस्था को सुदृढ़ बनाने में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके अनुभव,
दूरदृष्टि और न्यायप्रिय स्वभाव के कारण वह HRPC संस्था के लिए शक्ति और प्रेरणा का स्रोत हैं।
सेवानिवृत्ति के उपरांत श्री इन्तेखाब अहमद ने समाजसेवा, मानव अधिकार संरक्षण और न्याय दिलाने के कार्यों को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। मानव अधिकारों से संबंधित विभिन्न समस्याओं का समाधान, RTI के माध्यम से लोगों को उनके अधिकार दिलवाना, न्याय विशेषज्ञों व प्रशासनिक अधिकारियों से प्रभावी समन्वय स्थापित करना, तथा समाज के प्रत्येक नागरिक को संरक्षण एवं सहायता प्रदान करना उनका निरंतर प्रयास रहा है। सामाजिक न्याय, मानवाधिकार और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें समाज का सच्चा संरक्षक बना दिया है।

डॉ. भारत कुलकर्णी
राष्ट्रीय अध्यक्ष HRPC FOOD SAFETY CELL [M]
डॉ. कुलकर्णी, HRPC Food Safety Cell के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मानवाधिकार आधारित कृषि-नीति, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक बाजार-व्यवस्था सुधार के क्षेत्र में दो दशक से अधिक अनुभव रखने वाले अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकारी के रूप में उन्होंने इथियोपिया में कृषि मंत्रालय के साथ मिलकर ऐसी किसान-केंद्रित नीति विकसित की, जिसमें उचित मूल्य, गरिमा, बाजार तक समान पहुँच और आर्थिक अधिकारों को मानवाधिकार की मूल भावना में शामिल किया गया। दुनिया के पहले “Specialty Coffee Human Rights Auction Model” को आकार देकर उन्होंने अफ़्रीकी किसानों को अंतरराष्ट्रीय मूल्य का 85% तक प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया—यह मॉडल आज भी न्यायपूर्ण बाजार व्यवस्था का वैश्विक उदाहरण माना जाता है। मलावी, केन्या और घाना में वेयरहाउस रिसीट सिस्टम के नियामकीय ढाँचे का निर्माण उनके नेतृत्व में हुआ, जिसने संग्रहित फसल को किसानों की कानूनी संपत्ति के रूप में मान्यता दिलाई और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत किया। रवांडा में East Africa Exchange को संचालित करते हुए डॉ. कुलकर्णी ने छोटे किसानों के लिए पहली बार सीधे वैश्विक व्यापार तक पहुँच सुनिश्चित की, यह स्थापित करते हुए कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार भागीदारी किसी किसान के लिए “विशेषाधिकार नहीं, बल्कि अधिकार” है। पूँजी बाजार सुधारों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान देते हुए रवांडा कैपिटल मार्केट अथॉरिटी और घाना सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज कमीशन के लिए नीति अध्ययन तैयार किए, ताकि किसान मूल्य-जोखिम से सुरक्षा प्राप्त कर सकें और सुरक्षित वित्तीय उपकरणों तक उनकी पहुँच स्थापित की जा सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने केन्या, तंज़ानिया, इथियोपिया और बांग्लादेश के लिए ऐसे निर्यात एवं बाजार रोडमैप तैयार किए, जिनका मूल सिद्धांत यह था कि उत्पादन, मूल्य-वृद्धि और वैश्विक व्यापार में किसान की भागीदारी एक मौलिक मानवाधिकार है।
आज HRPC Food Safety Cell के नेतृत्व में, डॉ. कुलकर्णी खाद्य सुरक्षा को केवल स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकार, मानव गरिमा और न्यायपूर्ण मूल्य–श्रृंखला से जुड़ा व्यापक मानवाधिकार मुद्दा मानते हैं। उनका लक्ष्य भारत में एक पारदर्शी, सुरक्षित, वैज्ञानिक और अधिकार-आधारित खाद्य प्रणाली स्थापित करना है, जहाँ उपभोक्ता और उत्पादक दोनों समान रूप से सशक्त हों। नीति, बाजार और मानवाधिकार—इन तीनों स्तंभों को एकीकृत कर वे एक ऐसा ढांचा तैयार कर रहे हैं जो देश की खाद्य प्रणाली को न केवल सुरक्षित बनाता है, बल्कि न्यायपूर्ण भी सुनिश्चित करता है।
ह्यमन राइट्स
प्रोटेक्शन सेल (HRPC)
राष्ट्रीय
अध्यक्ष (शिक्षा प्रकोष्ठ) – डॉ. रविन्द्र नाथ सिंह
हमें गर्व है कि डॉ. रविन्द्र नाथ सिंह को ह्यमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष (शिक्षा
प्रकोष्ठ) के रूप में मनोनीत किया गया है। वे एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं, जिनका कार्यक्षेत्र और अनुभव अत्यंत व्यापक है — भारतीय वायुसेना में तकनीकी इंजीनियर, आयकर विभाग में अन्वेषण एवं जाँच अधिकारी, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक काउंसलर, कर एवं वित्तीय विशेषज्ञ, कानूनी सलाहकार (अधिवक्ता) तथा सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उनका
उल्लेखनीय योगदान रहा है। अपने बहुआयामी अनुभव, कार्यक्षेत्र, नेतृत्व क्षमता और समाजसेवा के
प्रति समर्पण के साथ वे HRPC समुदाय को सशक्त एवं प्रेरित करने
के लिए प्रतिबद्ध हैं।
शैक्षणिक एवं व्यावसायिक उपलब्धियाँ — डॉ. रविन्द्र नाथ सिंह ने अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों में अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं: भारतीय वायुसेना में 23 वर्ष तक एक तकनीकी अधिकारी के रूप में निर्विघ्न सेवा, आयकर विभाग में 15 वर्ष तक सेवा कर वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए, आर्म्ड फोर्सेज वेटरन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, नई दिल्ली (पंजीकृत) के मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत, क्राइम रिफॉर्म एसोसिएशन, गुरुग्राम के सक्रिय सदस्य, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) में एम.बी.ए., एम.कॉम. एवं अर्थशास्त्र के राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक काउंसलर के रूप में सेवारत।
शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अध्ययनरत — पी.एच.डी. (अर्थशास्त्र), बी.एस-सी., एम.ए. (अर्थशास्त्र), एम.बी.ए., एम.एड., इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स), एल.एल.बी., आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लॉ एंड जस्टिस (नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु) तथा वर्तमान में साइबर लॉ एवं साइबर फॉरेंसिक का अध्ययन कर रहे हैं।
अन्य उपलब्धियाँ
एवं सम्मान — डॉ. सिंह ने विभिन्न शिक्षण
संस्थानों, बाल आश्रमों, तथा सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों में 200 से अधिक अकादमिक काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किए हैं। वर्ष 2020 में, उन्हें काउंसलिंग के क्षेत्र में
उत्कृष्ट योगदान हेतु मध्य प्रदेश के तत्कालीन
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सम्मानित किया गया। कई शिक्षण संस्थानों की अकादमिक गतिविधियों में निर्णायक के रूप
में योगदान दिया है। वित्तीय एवं कर विषयों पर उनके लेख प्रतिष्ठित समाचार पत्रों
में नियमित रूप से प्रकाशित होते रहे हैं। एक अधिवक्ता के रूप में वे समाज के
वंचित वर्ग को नि:शुल्क विधिक सलाह प्रदान करते हैं।
HRPC के प्रति दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता — राष्ट्रीय अध्यक्ष (शिक्षा प्रकोष्ठ) के रूप में डॉ. सिंह अपने विशाल अनुभव और समाजसेवा की अटूट निष्ठा के साथ HRPC को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका मानना है कि वर्तमान समय में HRPC एक ऐसा सशक्त मंच है, जो न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहता है। संस्था का उद्देश्य समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें न्याय दिलाने में सहयोग प्रदान करना है। उनकी दृष्टि है कि HRPC को ऐसा मंच बनाया जाए जो समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें कानूनी एवं बौद्धिक सहायता भी प्रदान करे — विशेष रूप से उन लोगों को जो स्वयं न्यायालय तक नहीं पहुँच पाते। उन्हें विश्वास है कि HRPC जनसहयोग एवं विभिन्न माध्यमों के द्वारा सामुदायिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाएगी।
HRPC सदस्यों के लिए संदेश
“संगठन में ही शक्ति है।”
हम भले ही अलग-अलग
क्षेत्रों और विचारधाराओं से जुड़े हों, लेकिन मानवता की रक्षा के लिए हम सब एक
हैं और एक रहेंगे — यही हमारा संकल्प होना चाहिए। अपने व्यस्त समय
और पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ हमें समाज के वंचित वर्गों के लिए भी समय
निकालना चाहिए। इससे न केवल सामाजिक समरसता बढ़ेगी, बल्कि आपसी विश्वास और सहयोग की भावना भी सशक्त
होगी।
डॉ. रविन्द्र नाथ सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष (शिक्षा प्रकोष्ठ)

प्रिय HRPC परिवार एवं मीडिया सेल के सम्मानित सदस्यों,
मुझे राष्ट्रीय मीडिया सेल प्रेसिडेंट के रूप में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने पर गर्व है। यह संगठन न्याय, सत्य और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित है, और हमें मिलकर इसे नई ऊँचाइयों तक ले जाना है।
HRPC मीडिया सेल को प्रभावी और सशक्त बनाने के लिए हमें निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा देना होगा। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, और इसकी शक्ति का सही उपयोग करना हमारा कर्तव्य है। हमें अपने लेखों, रिपोर्टों और विश्लेषण के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलानी होगी, ताकि मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
डिजिटल युग में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। हमें HRPC की गतिविधियों, मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों और समाज में हो रहे अन्याय को उजागर करने के लिए सोशल मीडिया, न्यूज़ वेबसाइटों और ब्लॉग्स का अधिकतम उपयोग करना होगा। इससे न केवल हमारी पहुँच बढ़ेगी, बल्कि हमारी आवाज़ भी और प्रभावशाली होगी।
HRPC मीडिया सेल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए हमें एक मजबूत नेटवर्क बनाना होगा। हमें पत्रकारों, मीडिया हाउस, स्वतंत्र लेखकों और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के साथ साझेदारी करनी होगी, ताकि संगठन की गतिविधियाँ और संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके। साथ ही, हमें एक समर्पित मीडिया टीम का गठन करना होगा, जो ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़लेटर, प्रेस विज्ञप्तियाँ और अन्य मीडिया गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाए।
मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर HRPC मीडिया सेल को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। आपका समर्पण और मेहनत ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। आइए, मिलकर एक निष्पक्ष, प्रभावी और जागरूक मीडिया सेल तैयार करें, जो मानवाधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए हमेशा अग्रसर रहे।
धन्यवाद,
